P2P crypto ट्रेडिंग कैसे काम करती है
P2P बाज़ार में आप बैंक ट्रांसफ़र या UPI से दूसरे लोगों के साथ सीधे USDT खरीद-बेच सकते हैं। पूरा तरीका और escrow कैसे काम करता है, यहाँ जानें।
P2P (peer-to-peer) बाज़ार में आप एक्सचेंज से नहीं, बल्कि किसी दूसरे व्यक्ति से सीधे crypto का सौदा करते हैं। जब तक दोनों पक्ष अपना काम पूरा न कर लें, एक्सचेंज crypto को escrow में रोक कर रखता है।
एक आम खरीद, कदम दर कदम
- कोई ऑफ़र चुनें, जैसे एक मर्चेंट जो ₹2,000 से ₹50,000 की सीमा के साथ 1 USDT ₹90 में बेच रहा है।
- ऑर्डर खोलें। एक्सचेंज विक्रेता के USDT को escrow में लॉक कर देता है।
- बताए गए तरीके (आमतौर पर बैंक ट्रांसफ़र या UPI) से पैसे भेजें और ऑर्डर को "भुगतान किया" के रूप में चिह्नित करें।
- विक्रेता अपना बैंक खाता जाँचकर USDT रिलीज़ करता है, जो आपके एक्सचेंज वॉलेट में आ जाता है।
बेचना इसका उल्टा है: आपका USDT लॉक होता है, खरीदार आपको भुगतान करता है, और पैसा सच में आपके खाते में आने के बाद ही आप रिलीज़ करते हैं।
भाव बैंक रेट से अलग क्यों होता है
P2P भाव ट्रेड करने वाले लोग तय करते हैं। जब बहुत से लोगों को डॉलर चाहिए, तो USDT आधिकारिक रेट से ऊपर बिकता है। Coinbell सबसे अच्छा ऑफ़र और टॉप 10 का मीडियन भाव दिखाता है, क्योंकि सबसे अच्छे ऑफ़र की न्यूनतम राशि अक्सर बड़ी होती है।
अच्छा मर्चेंट कैसे चुनें
- सैकड़ों पूरे हुए ऑर्डर और 95% से ऊपर completion rate देखें।
- जाँचें कि सीमा आपकी राशि से मेल खाती है।
- ऑर्डर खोलने से पहले मर्चेंट की शर्तें पढ़ें।
बातचीत या भुगतान को कभी एक्सचेंज के बाहर न ले जाएँ। escrow की सुरक्षा केवल प्लेटफ़ॉर्म पर रहने वाले सौदों पर मिलती है।